UDGAM पोर्टल: बैंक में पड़ा भूला हुआ पैसा कैसे ढूंढें और वापस पाएं
बंद पड़ा पुराना खाता या भूली हुई FD कहीं ग़ायब नहीं होती। RBI के मुफ़्त UDGAM पोर्टल पर उसे ढूंढने और बैंक से ब्याज़ समेत claim करने का पूरा तरीक़ा यहाँ है।
₹72,454 करोड़ RBI के DEA Fund में लावारिस पड़े हैं (28 जनवरी 2026 तक)छोटा जवाब
- जो बैंक बैलेंस 10 साल या उससे ज़्यादा निष्क्रिय रहता है, बैंक उसे RBI के Depositor Education and Awareness (DEA) Fund में भेज देता है।
- यह पैसा कभी expire नहीं होता। जमाकर्ता, nominee या legal heir इसे ब्याज़ के साथ कभी भी claim कर सकते हैं।
- UDGAM RBI का मुफ़्त पोर्टल है, जहाँ कई बैंकों का ऐसा जमा एक ही जगह search किया जा सकता है — udgam.rbi.org.in
- UDGAM सिर्फ़ ढूंढने का ज़रिया है। पैसा उसी बैंक से मिलता है जहाँ खाता था।
- न RBI, न कोई बैंक — लावारिस जमा लौटाने की कोई fees नहीं लेता। जो agent पैसे माँगे, वो ठगी कर रहा है।
"लावारिस जमा" किसे कहते हैं
Banking Regulation Act, 1949 की धारा 26A और DEA Fund Scheme, 2014 के तहत बैंक को कुछ बैलेंस तय समय बाद RBI को भेजने होते हैं। असल में लगभग पूरा पैसा इन दो हालात से आता है:
- Savings और current खाते जिनमें 10 साल या उससे ज़्यादा समय से ग्राहक की तरफ़ से कोई लेन-देन नहीं हुआ।
- Fixed और recurring deposits जो maturity की तारीख़ से 10 साल तक claim नहीं किए गए।
इनके अलावा बिना भुनाए demand draft और pay order, sundry deposit बैलेंस, letter of credit या guarantee बंद होने के बाद बची margin money, और loan खाते में final adjustment के बाद बचा credit balance भी इसी fund में जाता है।
DEA Fund में transfer होना सिर्फ़ एक accounting प्रक्रिया है, ज़ब्ती नहीं। claim सही पाए जाने पर बैंक पहले आपको या legal heir को भुगतान करता है, फिर वो रकम RBI से वापस लेता है। पात्र जमा पर ब्याज़ भी scheme के मुताबिक़ जुड़ता रहता है।
इतना पैसा लावारिस पड़ा क्यों है
वजहें बेहद आम हैं। नौकरी बदली और पुराना salary account इस्तेमाल होना बंद हो गया। किसी के गुज़र जाने के बाद परिवार को FD का पता ही नहीं चला। किसी दूसरे शहर की छोटी जमा के बारे में घर में किसी को बताया ही नहीं गया, और खाते में nomination भी दर्ज नहीं था। चार दशकों की बैंकिंग में यही छोटी-छोटी भूलें मिलकर हज़ारों करोड़ बन जाती हैं।
| बैंक समूह | DEA Fund में रकम | हिस्सा |
|---|---|---|
| सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक | ₹60,571.02 करोड़ | 83.6% |
| निजी क्षेत्र के बैंक | ₹9,607.76 करोड़ | 13.3% |
| विदेशी बैंक | ₹2,275.01 करोड़ | 3.1% |
| कुल | ₹72,454 करोड़ | 100% |
UDGAM क्या है — और क्या नहीं है
UDGAM का पूरा नाम है Unclaimed Deposits – Gateway to Access inforMation। RBI ने इसे अगस्त 2023 में सात बैंकों के साथ शुरू किया था, और अगले ही महीने search सुविधा 30 बैंकों तक बढ़ा दी गई। ये 30 बैंक DEA Fund की क़रीब 90% value cover करते हैं।
यह सिर्फ़ एक खोज उपकरण है। यह बताता है कि आपके विवरण से मेल खाता कोई जमा किस बैंक में है और उसका reference number क्या है। पोर्टल पर पैसा नहीं रखा जाता, वहाँ से transfer नहीं होता, और claim भी वहीं settle नहीं होता। search के बाद का पूरा काम बैंक शाखा में होता है।
कई छोटे और सहकारी बैंक अभी जुड़े नहीं हैं। हर बैंक को अपनी website पर लावारिस जमा की सूची अलग से प्रकाशित करनी होती है — सीधे उस बैंक की site देखिए, या जिस शाखा में खाता था वहाँ पूछिए।
UDGAM पर search कैसे करें: तीन कदम
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पोर्टल पर register कीजिए
udgam.rbi.org.in खोलिए। Registration में नाम, mobile number, अपना बनाया हुआ password और captcha चाहिए। फिर उसी नंबर पर आए OTP से verification होता है। इस चरण में कोई document upload नहीं करना पड़ता और न ही कोई fees लगती है।
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Search चलाइए
Login करके खाताधारक का नाम ठीक वैसे ही डालिए जैसे बैंक रिकॉर्ड में था, फिर बैंक चुनिए। साथ में इनमें से कम से कम एक पहचान ज़रूरी है:
- PAN
- Voter ID नंबर
- Driving licence नंबर
- Passport नंबर
- जन्मतिथि
कंपनी, ट्रस्ट या सोसाइटी जैसे non-individual खाते के लिए संस्था का नाम, बैंक और इनमें से एक चाहिए: PAN, CIN, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का नाम, या incorporation की तारीख़।
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UDRN नोट कीजिए और बैंक जाइए
Match मिलने पर खाताधारक का नाम, जगह, बैंक का नाम और UDRN (Unclaimed Deposit Reference Number) दिखता है। UDRN एक masked पहचान संख्या है — इससे बैंक जमा को खोज लेता है, लेकिन शाखा या खाता संख्या सार्वजनिक नहीं होती। बैंक के नाम पर click कीजिए, link सीधे उस बैंक के claim पेज पर ले जाता है।
ज़्यादातर लोग सिर्फ़ अपना नाम एक बार डालते हैं, कुछ नहीं मिलता, और रुक जाते हैं। माता-पिता और दादा-दादी के नाम, शादी से पहले का नाम, बीच के नाम या initial के साथ और बिना — हर variation आज़माइए, और हर बैंक अलग-अलग। पुराने रिकॉर्ड में spelling अक्सर अलग होती है।
बैंक से पैसा claim कैसे करें
अगर खाता आपका ही है
UDRN, सामान्य KYC (PAN, आधार, पता प्रमाण) और जो भी पुराने कागज़ हैं — passbook, चेक बुक का पन्ना या deposit receipt — लेकर शाखा जाइए। बैंक का claim या खाता पुनः चालू करने वाला form भरिए। संतुष्ट होने पर बैंक रकम आपके चालू खाते में ब्याज़ समेत जमा कर देता है।
अगर आप legal heir के तौर पर claim कर रहे हैं
यहाँ ज़रूरतें ज़्यादा हैं, और सूची बैंक तथा रकम के हिसाब से बदलती है:
- आपकी अपनी पहचान और पते का प्रमाण
- जमाकर्ता का मृत्यु प्रमाण पत्र
- रिश्ते का प्रमाण
- Legal heir certificate (अदालत से, या राज्य के अनुसार SDM/तहसीलदार से)
- बड़ी रकम पर दीवानी अदालत से succession certificate, या ज़मानतदारों के साथ indemnity bond
अगर खाते में nomination दर्ज था, तो प्रक्रिया काफ़ी छोटी हो जाती है। जो खाते आप आज इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके लिए यह अभी करने लायक़ काम है — Banking Laws (Amendment) Act, 2025 के बाद बैंक ग्राहक चार तक nomination दर्ज करा सकते हैं, क्रमिक (successive) या एक साथ (simultaneous)।
सिर्फ़ और सिर्फ़ udgam.rbi.org.in ही आधिकारिक पता है। UDGAM का कोई mobile app नहीं है, कोई अधिकृत agent नहीं है, और कोई processing fee नहीं है। जो भी commission लेकर "पैसा दिलवाने" का दावा करे, पहले भुगतान माँगे, या OTP माँगे — वो धोखाधड़ी है। RBI या कोई भी बैंक जायज़ claim के लिए कभी पैसे नहीं लेता।
वो ग़लतियाँ जिनसे search अधूरा रह जाता है
- सिर्फ़ अपना नाम देखना। सबसे बड़ी रकमें अक्सर दिवंगत माता-पिता या दादा-दादी के नाम निकलती हैं।
- आज की spelling इस्तेमाल करना। बैंक रिकॉर्ड में initial, बीच का नाम या अलग transliteration हो सकता है।
- Result न मिलने का मतलब "कुछ नहीं है" समझ लेना। पोर्टल पर 30 बैंक हैं, सारे नहीं।
- Dormant और unclaimed को एक समझना। दो साल से निष्क्रिय खाता सिर्फ़ dormant है — पैसा बैंक में ही है और re-KYC से खाता चालू हो जाता है। 10 साल वाला DEA Fund transfer उससे अलग चरण है।
- टालना। समय के साथ legal heir के कागज़ जुटाना आसान नहीं, मुश्किल होता जाता है।
