वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) 2026 — ब्याज दर, ₹30 लाख की सीमा, तिमाही आय और पूरे नियम
रिटायरमेंट के बाद हर तिमाही तय आमदनी चाहिए तो SCSS भारत की सबसे उदार सरकारी योजना है — 8.2% ब्याज, पूरी अवधि के लिए दर लॉक, और ₹30 लाख जमा पर हर महीने लगभग ₹20,500 की आय।
छोटा जवाब — SCSS क्या है और 2026 में कितना ब्याज दे रही है?
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) 60 वर्ष या उससे ऊपर के निवासी भारतीयों के लिए भारत सरकार की 5 वर्षीय बचत योजना है, जिस पर जुलाई–सितंबर 2026 तिमाही में 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है — यह लघु बचत योजनाओं में सबसे ऊँची दर है। न्यूनतम ₹1,000 और अधिकतम ₹30 लाख जमा किए जा सकते हैं, और ब्याज हर तिमाही सीधे खाते में आता है। ₹30 लाख जमा करने पर हर तिमाही ₹61,500 यानी हर महीने लगभग ₹20,500 की तय आमदनी बनती है।
📑 इस गाइड में क्या-क्या है
SCSS ब्याज दर — दूसरी तिमाही, वित्त वर्ष 2026-27
1 जुलाई – 30 सितंबर 2026 · तिमाही भुगतान · सुकन्या समृद्धि के साथ संयुक्त रूप से सबसे ऊँची दर
अगली समीक्षा: वित्त मंत्रालय (आर्थिक कार्य विभाग) 30 सितंबर 2026 के आसपास अक्टूबर–दिसंबर 2026 तिमाही की दरें अधिसूचित करेगा। ध्यान रखें — दर बदलने का असर नए खातों पर पड़ता है; आपके मौजूदा खाते की दर खोलते समय ही लॉक हो जाती है।
SCSS क्या है? — वरिष्ठ नागरिक बचत योजना की पूरी जानकारी
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (Senior Citizens' Savings Scheme) भारत सरकार ने 2004 में शुरू की थी। इसका मकसद सीधा है — रिटायरमेंट के बाद बुज़ुर्गों को सुरक्षित पूँजी और हर तिमाही तय आमदनी देना।
यह डाकघर और अधिकृत बैंकों दोनों में उपलब्ध है, इस पर भारत सरकार की गारंटी है, और सबसे बड़ी खूबी यह है कि खाता खोलते समय जो दर लागू होती है, वही पूरे 5 साल चलती है। यानी सरकार बाद में दर घटा भी दे तो आपकी आमदनी नहीं घटेगी — FD और PPF दोनों से यह एक अहम अंतर है।
SCSS की 6 खास बातें
- सबसे ऊँची सरकारी दर: 8.2% — PPF (7.1%), NSC (7.7%) और ज्यादातर बैंक FD से ऊपर
- दर लॉक: खोलते समय की दर पूरे 5 साल के लिए तय हो जाती है
- तिमाही आय: ब्याज हर तिमाही आपके बचत खाते में जमा होता है, जोड़ा नहीं जाता
- ₹30 लाख की सीमा: बजट 2023 में ₹15 लाख से बढ़ाकर दोगुनी की गई
- सॉवरेन सुरक्षा: बैंक FD की ₹5 लाख DICGC सीमा जैसी कोई शर्त नहीं
- टैक्स कटौती: जमा पर ₹1.5 लाख तक की कटौती (धारा 123, पहले 80C)
एक बात साफ़ समझ लें — SCSS में चक्रवृद्धि नहीं होती
SCSS का ब्याज सरल ब्याज की तरह हर तिमाही निकालकर दे दिया जाता है, खाते में जोड़ा नहीं जाता। इसलिए यह पूँजी बढ़ाने की योजना नहीं, आमदनी देने की योजना है। अगर आपको अभी पैसे की ज़रूरत नहीं है और पूँजी बढ़ानी है, तो तिमाही ब्याज को अलग से किसी RD या डेट फंड में डालते रहें।
SCSS खाता कौन खोल सकता है?
| श्रेणी | न्यूनतम उम्र | शर्त |
|---|---|---|
| सामान्य वरिष्ठ नागरिक | 60 वर्ष | कोई अतिरिक्त शर्त नहीं |
| स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS/सुपरएनुएशन) | 55 वर्ष | रिटायरमेंट लाभ मिलने के 1 महीने के भीतर खाता खोलना होगा |
| रक्षा सेवा से सेवानिवृत्त | 50 वर्ष | रिटायरमेंट लाभ मिलने के 1 महीने के भीतर, तय शर्तों सहित |
| NRI | पात्र नहीं | खाता खोलने के बाद NRI बनने पर खाता जारी नहीं रह सकता |
| HUF / संस्थाएँ | पात्र नहीं | केवल व्यक्तिगत खाते की अनुमति |
संयुक्त खाता सिर्फ़ जीवनसाथी के साथ
संयुक्त खाता केवल पति या पत्नी के साथ खोला जा सकता है, और पूरी जमा राशि पहले खाताधारक के नाम मानी जाती है। इसका मतलब यह भी है कि संयुक्त खाते में दूसरे साथी की उम्र 60 से कम हो तब भी खाता खुल सकता है, बशर्ते पहला खाताधारक पात्र हो।
एक से ज़्यादा खाते खोले जा सकते हैं
आप एक से अधिक SCSS खाते खोल सकते हैं (अलग-अलग बैंक या डाकघर में भी), लेकिन सभी खातों की कुल जमा ₹30 लाख से ऊपर नहीं जा सकती। जमा ₹1,000 के गुणकों में होनी चाहिए। ₹1 लाख तक नकद स्वीकार है, उससे ऊपर चेक/ट्रांसफर ज़रूरी है।
SCSS कैलकुलेटर — आपकी तिमाही आय कितनी बनेगी?
स्लाइडर से जमा राशि चुनिए और देखिए हर तिमाही, हर महीने और पूरी अवधि में कितनी आमदनी बनेगी।
🧮 SCSS आय कैलकुलेटर 2026
8.2% सालाना दर पर, तिमाही भुगतान के आधार पर गणना
🔒 खाता खोलते समय की दर पूरे 5 साल के लिए लॉक हो जाती है
*8.2% सालाना दर पर, सरल ब्याज व तिमाही भुगतान मानकर। ब्याज पर आपकी स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा।
पूरा SCSS कैलकुलेटर खोलें →कितना जमा करने पर कितनी आमदनी? (8.2% पर)
| जमा राशि | तिमाही ब्याज | मासिक औसत | सालाना ब्याज | 5 साल में कुल |
|---|---|---|---|---|
| ₹5,00,000 | ₹10,250 | ₹3,417 | ₹41,000 | ₹2,05,000 |
| ₹10,00,000 | ₹20,500 | ₹6,833 | ₹82,000 | ₹4,10,000 |
| ₹15,00,000 | ₹30,750 | ₹10,250 | ₹1,23,000 | ₹6,15,000 |
| ₹20,00,000 | ₹41,000 | ₹13,667 | ₹1,64,000 | ₹8,20,000 |
| ₹30,00,000 (अधिकतम) | ₹61,500 | ₹20,500 | ₹2,46,000 | ₹12,30,000 |
| ₹60,00,000 (दंपती, 2 खाते) | ₹1,23,000 | ₹41,000 | ₹4,92,000 | ₹24,60,000 |
*मासिक आँकड़ा सिर्फ़ समझने के लिए है — भुगतान महीने में नहीं, हर तिमाही होता है। ब्याज पर टैक्स आपकी स्लैब के अनुसार अलग से लगेगा।
SCSS ब्याज दर 2026 और भुगतान का तरीका
वर्तमान दर: 8.2% सालाना (जुलाई–सितंबर 2026)
यह सुकन्या समृद्धि योजना के साथ लघु बचत योजनाओं की सबसे ऊँची दर है। सरकार हर तिमाही समीक्षा करती है, लेकिन दर लंबे समय से 8.2% पर स्थिर बनी हुई है।
🔐 सबसे बड़ी खूबी — दर लॉक हो जाती है
PPF में दर बदलते ही आपके पुराने पैसे पर भी नई दर लगने लगती है। SCSS में ऐसा नहीं होता। खाता खोलने के दिन जो दर है, वही पूरे 5 साल आपके खाते पर लागू रहती है। अगर सरकार अगली तिमाही में दर घटाकर 7.8% कर दे, तब भी आपको 8.2% ही मिलता रहेगा।
एक्सटेंशन पर दर बदल जाती है
यह लॉक सिर्फ़ मूल 5 साल के लिए है। जब आप खाते को 3 साल के लिए बढ़ाते हैं, तो मैच्योरिटी की तारीख पर जो दर लागू होगी, वही अगले ब्लॉक के लिए लॉक होगी। इसलिए अगर दरें गिर रही हों तो एक्सटेंशन से पहले FD और POMIS की तुलना ज़रूर कर लें।
📅 ब्याज कब और कैसे मिलता है
- भुगतान हर तिमाही — 31 मार्च, 30 जून, 30 सितंबर और 31 दिसंबर को
- पहली किस्त खाता खोलने की तारीख से उस तिमाही के अंत तक के अनुपात में मिलती है
- ब्याज सीधे आपके बचत खाते में जमा होता है या ECS/ऑटो-क्रेडिट से भेजा जाता है
- न निकाला गया ब्याज खाते में जुड़कर ब्याज नहीं कमाता — इसलिए उसे समय पर इस्तेमाल या पुनर्निवेश करें
- खाताधारक की मृत्यु के बाद, मृत्यु की तारीख से डाकघर बचत खाते की दर से ब्याज मिलता है
SCSS पर टैक्स, TDS और फॉर्म 121 का पूरा गणित
SCSS की सबसे बड़ी कमज़ोरी यही है — ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल है। PPF और SSY की तरह EEE छूट यहाँ नहीं मिलती। इसलिए योजना बनाते समय पहले टैक्स का हिसाब लगाना ज़रूरी है।
दो बदलाव जो 2026 में लागू हो चुके हैं
- धारा 80C अब धारा 123: आयकर अधिनियम 2025 के लागू होने पर (1 अप्रैल 2026 से) SCSS जमा पर ₹1.5 लाख की कटौती अब धारा 123 के तहत आती है। सीमा और शर्तें वही हैं।
- फॉर्म 15H अब फॉर्म 121: अप्रैल 2026 से TDS रोकने के लिए दिया जाने वाला घोषणा-पत्र फॉर्म 121 हो गया है। बैंक/डाकघर में हर वित्तीय वर्ष की शुरुआत में यही फॉर्म देना है।
जमा पर कटौती
₹1.5 लाख तक की कटौती (धारा 123, पहले 80C) — सिर्फ़ पुरानी टैक्स व्यवस्था में। यह लाभ खाता खोलने वाले वर्ष में एक बार मिलता है।
ब्याज पर टैक्स
ब्याज “अन्य स्रोतों से आय” में जुड़ता है और आपकी स्लैब दर से टैक्स लगता है। इस पर कोई विशेष छूट नहीं है।
₹50,000 की ब्याज कटौती
वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज आय पर ₹50,000 तक की अलग कटौती (पहले धारा 80TTB) मिलती है — SCSS, FD और बचत खाते का ब्याज मिलाकर।
TDS कब कटता है?
| स्थिति | TDS सीमा | क्या करें |
|---|---|---|
| 60 वर्ष से ऊपर | ₹1,00,000 सालाना ब्याज | इससे ऊपर 10% TDS (PAN न देने पर 20%) |
| 60 वर्ष से कम (VRS/रक्षा) | ₹50,000 सालाना ब्याज | इससे ऊपर TDS लागू |
| कुल आय टैक्स सीमा से नीचे | लागू नहीं | हर अप्रैल में फॉर्म 121 जमा करें, TDS नहीं कटेगा |
उदाहरण — ₹30 लाख जमा पर असली हाथ में कितना?
सालाना ब्याज ₹2,46,000। ₹50,000 की ब्याज कटौती घटाने पर ₹1,96,000 टैक्स-योग्य बचता है। वरिष्ठ नागरिक की मूल छूट सीमा ₹3 लाख है, इसलिए अगर पेंशन व अन्य आय मिलाकर कुल आय छूट सीमा के भीतर रहती है तो टैक्स शून्य हो सकता है — बस फॉर्म 121 समय पर दे दें। आय ज़्यादा हो तो स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा।
SCSS खाता कैसे खोलें — 5 चरण
SCSS खाता किसी भी डाकघर या अधिकृत बैंक (SBI, PNB, BoB, Canara, HDFC, ICICI, Axis आदि) में खोला जा सकता है। ज़्यादातर जगह यह अब भी शाखा में जाकर ही खुलता है।
बैंक या डाकघर चुनें
ब्याज दर दोनों जगह एक ही है। जहाँ आपका बचत खाता पहले से है वहीं खोलें — तिमाही ब्याज उसी खाते में सीधे आ जाएगा।
फॉर्म-1 भरें
SCSS खाता खोलने का आवेदन फॉर्म-1 होता है। इसमें नॉमिनी का विवरण और (चाहें तो) जीवनसाथी का नाम संयुक्त खाताधारक के रूप में भरें।
दस्तावेज़ लगाएँ
PAN, आधार, 2 पासपोर्ट फोटो, उम्र का प्रमाण। VRS या रक्षा सेवा वालों को रिटायरमेंट प्रमाणपत्र और लाभ मिलने की तारीख का सबूत भी देना होगा।
राशि जमा करें
₹1,000 के गुणकों में, अधिकतम ₹30 लाख तक। ₹1 लाख से ऊपर की जमा चेक या ट्रांसफर से ही होगी। चेक से जमा पर खाता चेक क्लियर होने की तारीख से खुलता है।
पासबुक और ब्याज-क्रेडिट सेट करें
पासबुक तुरंत मिल जाती है। ब्याज ऑटो-क्रेडिट के लिए बचत खाता लिंक कराएँ, और उसी समय हर साल फॉर्म 121 देने की व्यवस्था बना लें।
VRS वालों के लिए 1 महीने की समय-सीमा
55–60 वर्ष की उम्र में VRS या सुपरएनुएशन पर रिटायर होने वालों को रिटायरमेंट लाभ मिलने के 1 महीने के भीतर खाता खोलना अनिवार्य है, और जमा राशि उन्हीं लाभों से अधिक नहीं होनी चाहिए। यह समय-सीमा चूक गए तो 60 वर्ष की उम्र तक इंतज़ार करना पड़ेगा।
मैच्योरिटी, एक्सटेंशन और समय-पूर्व बंदी के नियम
📅 5 साल बाद तीन विकल्प
पूरी रकम निकाल लें
मूल जमा वापस, कोई कटौती नहीं। मैच्योरिटी के बाद खाता बंद न करने पर भी ब्याज मिलता रहता है, पर सिर्फ़ डाकघर बचत खाते की दर से।
3 साल के लिए बढ़ाएँ
मैच्योरिटी के 1 साल के भीतर फॉर्म-4 दें। 2023 के संशोधन के बाद 3-3 साल के एक से अधिक ब्लॉक तक बढ़ाया जा सकता है।
बंद करके नया खाता खोलें
अगर दर बढ़ गई है तो पुराना बंद कर नया खाता खोलना बेहतर पड़ सकता है — पर सीमा फिर भी कुल ₹30 लाख ही रहेगी।
एक्सटेंशन का छिपा हुआ फायदा
बढ़ाए गए खाते को एक साल पूरा होने के बाद बिना किसी जुर्माने के कभी भी बंद किया जा सकता है। यानी एक्सटेंशन लेकर आप 3 साल के लिए बंधते नहीं, बल्कि 8.2% की दर पकड़कर लचीलापन भी बनाए रखते हैं।
🚪 समय से पहले खाता बंद करने पर कितना कटेगा
| कब बंद कर रहे हैं | कटौती | असर |
|---|---|---|
| 1 साल से पहले | कोई ब्याज नहीं | पहले दिया जा चुका ब्याज मूल राशि से वसूल लिया जाता है |
| 1 से 2 साल के बीच | जमा राशि का 1.5% | ₹30 लाख पर ₹45,000 की कटौती |
| 2 साल के बाद | जमा राशि का 1% | ₹30 लाख पर ₹30,000 की कटौती |
| खाताधारक की मृत्यु पर | कोई कटौती नहीं | नॉमिनी को पूरी राशि, मृत्यु की तारीख तक ब्याज सहित |
| एक्सटेंशन के 1 साल बाद | कोई कटौती नहीं | बढ़ाए गए खाते को कभी भी बंद कर सकते हैं |
SCSS vs सीनियर सिटिज़न FD vs POMIS vs PPF
रिटायरमेंट के बाद आमदनी के चार मुख्य विकल्प, आमने-सामने।
| पैमाना | SCSS 🟢 | सीनियर FD | POMIS | PPF |
|---|---|---|---|---|
| ब्याज दर | 8.2% | 7.0–7.75% | 7.4% | 7.1% |
| अधिकतम जमा | ₹30 लाख | कोई सीमा नहीं | ₹9 लाख (एकल), ₹15 लाख (संयुक्त) | ₹1.5 लाख/वर्ष |
| आय का भुगतान | तिमाही | मासिक/तिमाही विकल्प | मासिक | कोई नियमित आय नहीं |
| दर लॉक | पूरे 5 साल | पूरी अवधि | पूरे 5 साल | हर तिमाही बदल सकती है |
| सुरक्षा | सरकारी गारंटी | DICGC ₹5 लाख तक | सरकारी गारंटी | सरकारी गारंटी |
| ब्याज पर टैक्स | पूरी तरह टैक्सेबल | पूरी तरह टैक्सेबल | पूरी तरह टैक्सेबल | पूरी तरह टैक्स-फ्री |
| जमा पर कटौती | हाँ (धारा 123) | सिर्फ़ 5-वर्षीय टैक्स सेविंग FD | नहीं | हाँ (धारा 123) |
| किसके लिए | 60+ को तय आमदनी चाहिए | लचीलापन चाहिए | मासिक खर्च चलाना है | लंबी अवधि में टैक्स-फ्री पूँजी |
सही क्रम क्या है?
ज़्यादातर रिटायर लोगों के लिए सबसे समझदार क्रम यह है — पहले SCSS की ₹30 लाख सीमा भरें (सबसे ऊँची दर + सरकारी गारंटी), फिर POMIS से मासिक खर्च का हिस्सा पूरा करें, और उसके बाद बची रकम सीनियर सिटिज़न FD या डेट फंड में रखें ताकि नकदी बनी रहे।
दंपती के लिए ₹60 लाख की रणनीति और लैडरिंग
दो खाते = दोगुनी सीमा
₹30 लाख की सीमा हर व्यक्ति पर लागू है। पति और पत्नी दोनों 60+ हैं तो दोनों के अलग-अलग खाते से कुल ₹60 लाख जमा हो सकते हैं — यानी हर तिमाही ₹1,23,000 और हर महीने लगभग ₹41,000।
- दोनों खाते अलग-अलग प्राथमिक नाम से खोलें
- एक-दूसरे को नॉमिनी और संयुक्त धारक बनाएँ
- दोनों की आय अलग-अलग गिनी जाएगी — टैक्स भी बँट जाएगा
- दोनों ₹50,000 की ब्याज कटौती अलग-अलग ले सकेंगे
लैडरिंग — एक साथ सब कुछ न डालें
पूरे ₹30 लाख एक ही दिन जमा करने पर आप एक ही दर से बँध जाते हैं। कुछ लोग रकम को 2–3 हिस्सों में अलग-अलग तिमाहियों में जमा करते हैं, ताकि दर बढ़े तो उसका फायदा भी मिले।
- दरें गिरने के दौर में — पूरी रकम तुरंत जमा करें (दर लॉक कर लें)
- दरें बढ़ने के दौर में — हिस्सों में जमा करें
- ब्याज की तारीखें अलग होंगी तो नकदी भी बेहतर बँटेगी
- याद रखें: सीमा कुल ₹30 लाख ही रहेगी
तिमाही ब्याज का क्या करें?
SCSS का ब्याज खाते में जुड़ता नहीं, इसलिए बचत खाते में पड़ा रहने पर वह सिर्फ़ 2.5–4% कमाता है। जितना पैसा खर्च के लिए नहीं चाहिए, उसे हर तिमाही किसी RD, लिक्विड फंड या शॉर्ट-टर्म FD में डालते जाएँ — 5 साल में यही आदत लाखों का अंतर बना देती है।
SCSS में 8 आम गलतियाँ
फॉर्म 121 न देना
आय टैक्स सीमा से नीचे होने पर भी TDS कट जाता है और रिफंड के लिए महीनों इंतज़ार करना पड़ता है।
उपाय: हर अप्रैल में फॉर्म देंVRS की 1 महीने की सीमा चूकना
55–60 वालों को रिटायरमेंट लाभ मिलने के 1 महीने के भीतर खाता खोलना होता है, वरना 60 तक इंतज़ार।
उपाय: लाभ मिलते ही आवेदनब्याज बचत खाते में पड़ा रहने देना
8.2% कमाकर आया पैसा 3% पर बैठा रहता है — 5 साल में बड़ा नुकसान।
उपाय: RD या लिक्विड फंडज़रूरत पड़ने पर खाता तोड़ देना
2 साल से पहले बंद करने पर 1.5% कटता है — ₹30 लाख पर ₹45,000।
उपाय: पहले FD/छोटी बचत तोड़ेंएक्सटेंशन की 1 साल की समय-सीमा भूलना
समय पर फॉर्म-4 न देने पर खाता बंद मान लिया जाता है और आगे बचत खाते की दर मिलती है।
उपाय: मैच्योरिटी पर रिमाइंडरब्याज को ITR में न दिखाना
TDS न कटे तब भी ब्याज टैक्स-योग्य है। AIS में दर्ज होता है, इसलिए नोटिस आ सकता है।
उपाय: हर साल ITR में दिखाएँनॉमिनी न भरना
बुज़ुर्ग खाताधारक के न रहने पर परिवार को कानूनी प्रक्रिया में उलझना पड़ता है।
उपाय: खाता खोलते ही नॉमिनीसारा पैसा सिर्फ़ SCSS में डालना
अचानक बड़ी ज़रूरत पर पैसा फँस जाता है — कुछ रकम नकदी वाले साधनों में रखनी चाहिए।
उपाय: 6 महीने का इमरजेंसी फंडनॉमिनी, संयुक्त खाता और मृत्यु के बाद दावा
नॉमिनेशन
- खाता खोलते समय या बाद में कभी भी नॉमिनी जोड़ा/बदला जा सकता है
- एक से अधिक नॉमिनी और हिस्सा प्रतिशत तय कर सकते हैं
- नाबालिग नॉमिनी के लिए अभिभावक का नाम देना होगा
संयुक्त खाता
सिर्फ़ जीवनसाथी के साथ। पूरी जमा पहले खाताधारक की मानी जाती है, इसलिए टैक्स और ₹30 लाख की सीमा भी उन्हीं पर गिनी जाती है। पहले खाताधारक के न रहने पर खाता जीवनसाथी के नाम जारी रह सकता है, बशर्ते वे पात्र हों।
मृत्यु के बाद
- समय-पूर्व बंदी पर कोई जुर्माना नहीं
- मृत्यु की तारीख तक SCSS दर से ब्याज
- उसके बाद डाकघर बचत खाते की दर से ब्याज
- नॉमिनी को मृत्यु प्रमाणपत्र और KYC के साथ दावा करना होता है
रिटायरमेंट प्लानिंग की पूरी किट
मुफ्त कैलकुलेटर — बिना लॉग-इन, बिना कमीशन लिंक के।
SCSS से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
SCSS की ब्याज दर 2026 में कितनी है?
SCSS में अधिकतम कितना पैसा जमा कर सकते हैं?
₹30 लाख जमा करने पर हर महीने कितनी आमदनी होगी?
SCSS खाता कौन खोल सकता है?
क्या SCSS का ब्याज टैक्स-फ्री है?
SCSS पर TDS कब कटता है और कैसे रोकें?
क्या SCSS खाता 5 साल बाद बढ़ाया जा सकता है?
समय से पहले SCSS खाता बंद करने पर कितना नुकसान होगा?
SCSS और सीनियर सिटिज़न FD में क्या बेहतर है?
क्या पति और पत्नी दोनों अलग-अलग SCSS खाते खोल सकते हैं?
क्या SCSS खाता एक से ज़्यादा खोल सकते हैं?
SCSS में जमा ब्याज खाते में जुड़ता क्यों नहीं?
✍️ लेखक और स्रोत
यह गाइड Arthzo रिसर्च टीम ने तैयार की और 10 अगस्त 2026 को अपडेट की गई। सभी दरें और नियम आधिकारिक स्रोतों से मिलान करके लिखे गए हैं। Arthzo किसी बैंक या वित्तीय संस्था से कमीशन नहीं लेता।
- वित्त मंत्रालय, आर्थिक कार्य विभाग — लघु बचत योजना दर अधिसूचना (30 जून 2026)
- वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, 2019 (और 2023 का संशोधन)
- इंडिया पोस्ट — SCSS खाता नियम व फॉर्म
- आयकर अधिनियम 2025 — धारा 123 (1 अप्रैल 2026 से लागू) एवं TDS संबंधी प्रावधान
