PPF सम्पूर्ण गाइड

लाइव ब्याज दर 7.1% · जुलाई–सितंबर 2026 तिमाही

PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) 2026 — ब्याज दर, कैलकुलेटर, नियम और टैक्स छूट की सम्पूर्ण हिंदी गाइड

₹500 से शुरू, 15 साल का लॉक-इन, 7.1% गारंटीड ब्याज और पूरी तरह टैक्स-फ्री मैच्योरिटी — PPF से जुड़ा हर नियम, हर गणना और हर रणनीति एक ही पेज पर, आसान हिंदी में।

📅 अपडेट: 10 अगस्त 2026 ✍️ Arthzo रिसर्च टीम ✅ वित्त मंत्रालय अधिसूचना से सत्यापित ⏱️ पढ़ने का समय: ~18 मिनट
7.1%वर्तमान ब्याज दर (Q2 FY 2026-27)
₹1.5 लाखअधिकतम सालाना निवेश
EEEतीनों स्तर पर टैक्स छूट
15 साललॉक-इन (5-5 साल बढ़ा सकते हैं)

छोटा जवाब — PPF क्या है और 2026 में कितना ब्याज मिल रहा है?

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) भारत सरकार की गारंटी वाली 15 साल की बचत योजना है, जिस पर जुलाई–सितंबर 2026 तिमाही में 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है। इसमें एक वित्तीय वर्ष में कम से कम ₹500 और अधिकतम ₹1,50,000 जमा किए जा सकते हैं। PPF EEE श्रेणी में आता है — जमा पर कटौती, ब्याज पर छूट और मैच्योरिटी राशि भी पूरी तरह टैक्स-फ्री। ₹1.5 लाख सालाना 15 साल तक जमा करने पर लगभग ₹40.68 लाख टैक्स-फ्री मिलते हैं।

7.1%

PPF ब्याज दर — दूसरी तिमाही, वित्त वर्ष 2026-27

1 जुलाई – 30 सितंबर 2026 · सालाना चक्रवृद्धि · अप्रैल 2020 से अपरिवर्तित

🛡️ सरकारी गारंटी 💚 100% टैक्स-फ्री रिटर्न 📅 हर तिमाही समीक्षा

अगली समीक्षा: वित्त मंत्रालय (आर्थिक कार्य विभाग) 30 सितंबर 2026 के आसपास अक्टूबर–दिसंबर 2026 तिमाही की दरें अधिसूचित करेगा। दर बदलने पर यह पेज अपडेट किया जाएगा।

विषय 01 · बेसिक

PPF क्या है? — शुरुआत करने वालों के लिए पूरी जानकारी

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) भारत सरकार द्वारा 1968 में शुरू की गई लंबी अवधि की बचत योजना है। इसे वित्त मंत्रालय नियंत्रित करता है और इस पर सॉवरेन गारंटी होती है — यानी आपका पैसा भारत में सबसे सुरक्षित जगहों में से एक में है।

PPF का मकसद अनुशासित लंबी बचत को बढ़ावा देना है — रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षित पूंजी निर्माण के लिए। यह उन गिनी-चुनी योजनाओं में है जो EEE (Exempt-Exempt-Exempt) श्रेणी में आती हैं, यानी तीनों स्तरों पर टैक्स छूट।

1968योजना शुरू होने का वर्ष
₹500न्यूनतम सालाना जमा
₹1.5 लाखअधिकतम सालाना जमा
15 सालन्यूनतम लॉक-इन
5 सालएक्सटेंशन ब्लॉक
7.1%ब्याज दर (Q2 FY 2026-27)

EEE — तीन स्तर पर टैक्स छूट का मतलब

  • जमा पर छूट: सालाना ₹1.5 लाख तक की कटौती (नए आयकर अधिनियम 2025 की धारा 123 — पहले धारा 80C)
  • ब्याज पर छूट: हर साल मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री, कोई TDS नहीं
  • निकासी पर छूट: मैच्योरिटी की पूरी रकम टैक्स-फ्री — कोई कैपिटल गेन टैक्स नहीं
👤

PPF खाता कौन खोल सकता है?

कोई भी निवासी भारतीय अपने नाम पर एक खाता खोल सकता है। माता-पिता/अभिभावक नाबालिग बच्चे के नाम पर खाता खोल सकते हैं (दोनों की जमा मिलाकर सीमा ₹1.5 लाख ही रहेगी)। HUF, NRI और संयुक्त खाते की अनुमति नहीं है।

विषय 17 व 22 · टूल

PPF कैलकुलेटर 2026 — मैच्योरिटी कितनी बनेगी?

स्लाइडर घुमाइए और देखिए 7.1% चक्रवृद्धि ब्याज पर आपका पैसा कैसे बढ़ता है।

🧮 PPF मैच्योरिटी कैलकुलेटर

हर साल की शुरुआत में जमा मानकर, सालाना चक्रवृद्धि के आधार पर गणना

🔒 दर भारत सरकार तय करती है — फिलहाल 7.1% (Q2 FY 2026-27)

💡 प्रो टिप: हर साल 5 अप्रैल तक पूरी रकम जमा कर दें। सिर्फ 2 दिन की देरी पर ₹1.5 लाख जमा पर लगभग ₹887 का ब्याज हाथ से निकल जाता है।
💰 कुल जमा राशि
₹1,50,000 × 15 साल
₹22,50,000
📈 कुल ब्याज (टैक्स-फ्री)
7.1% सालाना चक्रवृद्धि
₹18,18,209
🏆 मैच्योरिटी राशि
15 साल बाद
₹40,68,209
साल-दर-साल बढ़त (जमा बनाम ब्याज)
मूल जमा ब्याज
📊 रिटर्न अनुपात: आपका हर ₹100 बनकर तैयार होता है ₹181 — और उस पर एक रुपया भी टैक्स नहीं।

*गणना 7.1% सालाना दर पर, केवल उदाहरण के लिए। दर बदलने पर वास्तविक राशि अलग हो सकती है।

पूरा PPF कैलकुलेटर खोलें →
विषय 03 · ब्याज दर

PPF ब्याज दर 2026 — इतिहास और गणना का तरीका

ℹ️

वर्तमान दर: 7.1% सालाना (जुलाई–सितंबर 2026)

PPF की दर 1 अप्रैल 2020 से 7.1% पर स्थिर है। वित्त मंत्रालय हर तिमाही समीक्षा करता है, लेकिन लगातार कई तिमाहियों से दर नहीं बदली — लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह स्थिरता बड़ा फायदा है।

📊 PPF ब्याज दर का इतिहास

अवधिब्याज दरटिप्पणी
2015-16 तक8.7% – 8.8%सबसे ऊँची दरों का दौर
2016-178.1%तिमाही समीक्षा प्रणाली शुरू
2017-187.9% (औसत)क्रमिक गिरावट
2018-198.0%हल्की बढ़ोतरी
2019-207.9%दोबारा कटौती
अप्रैल 2020 से7.1%कोविड काल में कटौती
Q2 FY 2026-27 (जुलाई–सितंबर 2026)7.1% ✓अपरिवर्तित — वर्तमान दर

🔢 PPF ब्याज की गणना कैसे होती है

⚠️

“5 तारीख का नियम” — यही सबसे बड़ी चूक है

PPF का ब्याज हर महीने की 5 तारीख से महीने के आखिरी दिन तक के सबसे कम बैलेंस पर जोड़ा जाता है, और साल के अंत में खाते में डाला जाता है। यानी 3 अप्रैल को ₹1.5 लाख जमा किए तो पूरे 12 महीने का ब्याज, और 7 अप्रैल को जमा किए तो सिर्फ 11 महीने का।

जमा करने की तारीखकितने महीने का ब्याजसालाना ब्याज (₹1.5 लाख पर)5 अप्रैल की तुलना में नुकसान
5 अप्रैल या उससे पहले12 महीने₹10,650
6 अप्रैल – 5 मई11 महीने₹9,763−₹887
6 मई – 5 जून10 महीने₹8,875−₹1,775
5 जुलाई के बाद9 या उससे कम₹7,988 या कम−₹2,662 से ज्यादा

*केवल एक साल का अंतर। 15 साल तक यही देरी दोहराने पर चक्रवृद्धि के कारण नुकसान ₹1 लाख से भी ऊपर जा सकता है।

विषय 05 · टैक्स

PPF के टैक्स लाभ — धारा 123 (पहले 80C) और EEE स्टेटस

PPF भारत की उन गिनी-चुनी योजनाओं में है जिन्हें EEE (Exempt-Exempt-Exempt) दर्जा मिला है — निवेश, ब्याज और निकासी, तीनों टैक्स-मुक्त।

🆕

ज़रूरी अपडेट: 1 अप्रैल 2026 से धारा 80C का नाम बदलकर धारा 123 हो गया

नया आयकर अधिनियम 2025 1 अप्रैल 2026 से लागू है। पुरानी धारा 80C की कटौतियाँ अब धारा 123 के तहत आती हैं। कटौती की सीमा और शर्तें वही हैं — सिर्फ धारा का नंबर बदला है। ज्यादातर वेबसाइटें अब भी “80C” लिखती हैं, इसलिए ITR भरते समय नए फॉर्म में धारा 123 देखें।

1️⃣

निवेश — छूट

सालाना ₹1,50,000 तक की जमा पर कटौती (धारा 123, पहले 80C)। यह लाभ केवल पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने पर मिलता है।

2️⃣

ब्याज — छूट

हर साल जुड़ने वाला 7.1% ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री है। न TDS कटता है, न ITR में टैक्स देना पड़ता है (सिर्फ छूट वाली आय में दिखाना होता है)।

3️⃣

निकासी — छूट

मैच्योरिटी की पूरी रकम (मूलधन + ब्याज) 100% टैक्स-फ्री। आंशिक निकासी पर भी कोई टैक्स नहीं।

⚖️

नई बनाम पुरानी टैक्स व्यवस्था — PPF पर असर

पुरानी व्यवस्था: ₹1.5 लाख की कटौती मिलेगी — 30% स्लैब वालों के लिए सालाना लगभग ₹46,800 तक की टैक्स बचत (सेस सहित)। नई व्यवस्था: कटौती नहीं मिलेगी, लेकिन ब्याज और मैच्योरिटी फिर भी टैक्स-फ्री ही रहेंगे। यानी नई व्यवस्था में भी PPF एक बढ़िया टैक्स-फ्री डेट प्रोडक्ट बना रहता है, बस 80C/123 वाला बोनस हट जाता है।

🧮

टैक्स-फ्री 7.1% असल में कितना है?

30% स्लैब वाले व्यक्ति के लिए 7.1% टैक्स-फ्री रिटर्न, टैक्स लगने वाले लगभग 10.2% प्रति वर्ष के बराबर है। 20% स्लैब में यह ~8.9% और 5% स्लैब में ~7.5% के बराबर बैठता है। इसी वजह से PPF ज्यादातर बैंक FD को टक्कर देता है।

विषय 04 · तरीका

PPF खाता ऑनलाइन कैसे खोलें — 5 आसान चरण

PPF खाता किसी भी अधिकृत बैंक (SBI, HDFC, ICICI, Axis, PNB, BoB) की नेट बैंकिंग से या नज़दीकी डाकघर में जाकर खोला जा सकता है। ऑनलाइन तरीका सबसे तेज़ है:

1

नेट बैंकिंग / मोबाइल बैंकिंग में लॉग-इन करें

उसी बैंक से करें जहाँ आपका बचत खाता है और KYC पूरा है। SBI YONO, HDFC, ICICI iMobile, Axis और PNB — सभी में ऑनलाइन PPF खोलने की सुविधा है।

2

“PPF खाता खोलें” विकल्प चुनें

Investments / Deposits / Tax Saving मेनू में जाएँ → “Public Provident Fund (PPF)” चुनें → “Self Account” या “Minor Account” में से चुनाव करें।

3

विवरण भरें और KYC पूरा करें

आधार नंबर, PAN, नॉमिनी का विवरण और सालाना जमा राशि भरें। ज्यादातर जानकारी बैंक रिकॉर्ड से अपने आप भर जाती है।

4

पहली जमा करें

न्यूनतम ₹500 से खाता खुल जाता है और पहले ही साल ₹1.5 लाख तक जमा किया जा सकता है। पैसा आपके लिंक्ड बचत खाते से तुरंत कटेगा।

5

खाता संख्या और ई-पासबुक सुरक्षित रखें

PPF खाता संख्या तुरंत बन जाती है। ई-पासबुक डाउनलोड कर लें — आगे जमा, लोन और निकासी के अनुरोध में यही काम आएगी। साथ ही ऑटो-डेबिट हर महीने की 1 या 3 तारीख को सेट कर दें।

📋

ज़रूरी दस्तावेज़

PAN कार्ड · आधार / वोटर ID / ड्राइविंग लाइसेंस (KYC) · पासपोर्ट साइज़ फोटो · नॉमिनी का विवरण (फॉर्म E) · डाकघर में खाता खोलने पर Form-1 और बचत खाता विवरण।

🏦

बैंक या डाकघर — कहाँ खोलना बेहतर है?

ब्याज दर दोनों जगह एक ही (7.1%) है। बैंक में ऑनलाइन जमा, ऑटो-डेबिट और ई-स्टेटमेंट आसान रहते हैं। डाकघर उन लोगों के लिए बेहतर है जिनके इलाके में बैंक शाखा दूर है। खाता बाद में एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर भी किया जा सकता है।

विषय 08, 10, 11 · नियम

लॉक-इन, आंशिक निकासी और 15 साल बाद एक्सटेंशन के नियम

PPF में 15 वित्तीय वर्ष का लॉक-इन होता है। यही लंबी अवधि चक्रवृद्धि को इतना ताकतवर बनाती है — आपका ब्याज भी ब्याज कमाता है।

🔒

साल 1–5

कोई निकासी नहीं। गंभीर बीमारी, उच्च शिक्षा या निवास स्थिति बदलने जैसी शर्तों पर 5 साल बाद समय-पूर्व बंदी संभव — तब पूरी अवधि पर 1% ब्याज काटा जाता है।

💸

साल 7–15 (आंशिक निकासी)

7वें वित्तीय वर्ष से निकासी शुरू। सीमा: चौथे साल के अंत के बैलेंस का 50% या पिछले साल के बैलेंस का 50% — जो भी कम हो। साल में सिर्फ एक बार।

साल 15+ (मैच्योरिटी)

पूरी रकम टैक्स-फ्री निकाल सकते हैं, या खाते को 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ा सकते हैं — जमा के साथ भी और बिना जमा के भी।

📅 15 साल बाद क्या करें — तीन विकल्प

विकल्पनई जमानिकासी की सुविधाकिसके लिए सही
खाता बंद कर देंलागू नहींपूरी रकम, टैक्स-फ्रीजिन्हें अभी पैसे की ज़रूरत है
जमा के साथ बढ़ाएँहाँ, ₹1.5 लाख/साल तक5 साल के ब्लॉक में कुल बैलेंस का 60% तकजो पूँजी और टैक्स कटौती दोनों चाहते हैं
बिना जमा के बढ़ाएँनहींसाल में एक बार, कितनी भी राशिजो सिर्फ टैक्स-फ्री ब्याज चाहते हैं

1 साल की समय-सीमा याद रखें

“जमा के साथ एक्सटेंशन” चुनना है तो मैच्योरिटी के 1 साल के भीतर फॉर्म H जमा करना अनिवार्य है। समय पर फॉर्म न देने पर खाता अपने आप “बिना जमा वाले एक्सटेंशन” में चला जाता है — फिर उसमें डाली गई रकम पर ब्याज नहीं मिलता और वह अनियमित जमा मानी जाती है।

₹1.5 लाख सालाना 25 साल तक जमा करने पर 7.1% की दर से लगभग ₹1.03 करोड़ और 30 साल तक जमा करने पर लगभग ₹1.54 करोड़ बनते हैं — पूरी तरह टैक्स-फ्री। आम भारतीय के लिए यह सबसे सुरक्षित करोड़पति रास्ता है। — Arthzo रिसर्च टीम की गणना (7.1% स्थिर दर मानकर)
विषय 02, 18, 19, 20 · तुलना

PPF vs FD vs SIP vs EPF vs SSY — कौन बेहतर?

भारत के पाँच सबसे लोकप्रिय लंबी अवधि के विकल्पों की आमने-सामने तुलना।

पैमानाPPF 🟢बैंक FDSIP (म्यूचुअल फंड)EPFSSY
वर्तमान रिटर्न7.1% (गारंटीड)6.5–7.5%10–14% (बाज़ार आधारित)8.25%8.2%
रिटर्न पर टैक्सशून्य (EEE)पूरी तरह टैक्सेबल + TDSLTCG लागूशर्तों सहित छूटशून्य (EEE)
जोखिमशून्य (सरकारी गारंटी)बहुत कमबाज़ार जोखिमबहुत कमशून्य
लॉक-इन15 साल7 दिन से लचीलाकोई नहीं (ELSS: 3 साल)नौकरी/रिटायरमेंट तक21 साल
नकदी सुविधा7वें साल से आंशिकऊँचीसबसे ऊँचीसीमितबहुत सीमित
कौन निवेश कर सकता हैकोई भी निवासी भारतीयसभीसभीकेवल वेतनभोगी10 वर्ष से कम उम्र की बेटी
महँगाई से बचावमध्यमकमज़ोरसबसे बेहतरमध्यममध्यम
💡

सबसे संतुलित रणनीति: PPF + SIP साथ-साथ

PPF आपके पोर्टफोलियो की सुरक्षित नींव है (गारंटीड 7.1%, शून्य जोखिम), और SIP ग्रोथ इंजन (संभावित 12%+, बाज़ार जोखिम सहित)। दोनों में से चुनने की बजाय दोनों रखें — डेट हिस्सा PPF से और इक्विटी हिस्सा SIP से पूरा करें।

₹500 प्रति माह कितना बनता है? (विषय 21)

अवधिPPF (7.1%)FD (6.5%)SIP (12% मानकर)
5 साल बाद₹37,028₹35,528₹41,243
10 साल बाद₹89,205₹84,658₹1,16,170
15 साल बाद₹1,62,728₹1,52,594₹2,52,288
20 साल बाद₹2,66,332₹2,46,539₹4,99,574
रिटर्न पर टैक्सशून्य ✅स्लैब के अनुसार ❌LTCG ⚠️

*PPF सालाना ₹6,000 (साल की शुरुआत में जमा) मानकर; FD व SIP मासिक ₹500, मासिक चक्रवृद्धि मानकर। SIP का 12% रिटर्न सिर्फ अनुमान है, गारंटी नहीं।

विषय 09, 16 · नियम

PPF जमा के नियम और पैसा डालने का सही समय

📋 जमा के नियम

  • न्यूनतम ₹500 प्रति वित्तीय वर्ष (खाता चालू रखने के लिए अनिवार्य)
  • अधिकतम ₹1,50,000 प्रति वित्तीय वर्ष
  • साल में 1 से 12 किस्तों में जमा कर सकते हैं
  • नकद, चेक, DD, NEFT या ऑनलाइन ट्रांसफर — सभी मान्य
  • नाबालिग के खाते की जमा भी अभिभावक की ₹1.5 लाख सीमा में ही गिनी जाती है
  • सीमा से ज़्यादा जमा पर अतिरिक्त रकम पर कोई ब्याज नहीं, न कटौती

⏰ जमा करने का सही समय

  • एकमुश्त जमा: हर साल 5 अप्रैल तक
  • मासिक जमा: हर महीने की 5 तारीख से पहले
  • ऑटो-डेबिट की तारीख 1 या 3 रखें (छुट्टी का मार्जिन)
  • नया खाता खोलने का सबसे अच्छा महीना: अप्रैल
  • बोनस/इंसेंटिव मिलते ही सीधे PPF में डालें, बाद के लिए न टालें
🚨

खाता निष्क्रिय (Dormant) हो जाए तो?

किसी साल ₹500 जमा न होने पर खाता निष्क्रिय हो जाता है — न लोन मिलता है, न आंशिक निकासी। दोबारा चालू करने के लिए हर छूटे साल का ₹500 जमा + ₹50 जुर्माना देना पड़ता है। अच्छी बात यह है कि निष्क्रिय अवधि में भी जमा राशि पर ब्याज मिलता रहता है।

🏆

अधिकतम फायदे की रणनीति

हर साल 5 अप्रैल से पहले पूरे ₹1,50,000 जमा करें। मासिक जमा की तुलना में इससे हर साल लगभग ₹5,000–₹6,000 ज्यादा ब्याज बनता है, और 15 साल में यह अंतर चक्रवृद्धि के साथ ₹1.5 लाख से भी ऊपर पहुँच जाता है।

विषय 15 · लोन

PPF पर लोन — नियम, ब्याज दर और पात्रता

3–6वित्तीय वर्ष (लोन की खिड़की)
25%दो साल पहले के बैलेंस का अधिकतम
8.1%लोन ब्याज दर (PPF दर + 1%)
36 माहअधिकतम चुकौती अवधि
📋

उदाहरण से समझें

मान लीजिए 2026-27 में लोन लेना है। इसके लिए दो साल पहले यानी 31 मार्च 2025 का बैलेंस देखा जाएगा। अगर वह ₹4,00,000 था, तो अधिकतम लोन ₹1,00,000 (25%) मिलेगा। ब्याज दर PPF दर से 1% ज्यादा यानी 8.1%। मूलधन 36 महीने में चुकाना होता है, उसके बाद ब्याज। पहला लोन पूरा चुकाने के बाद ही दूसरा लोन मिलेगा।

पर्सनल लोन के बजाय PPF लोन क्यों?

पैमानाPPF पर लोनपर्सनल लोन
ब्याज दर~8.1% सालाना11–24% सालाना
गारंटी/सिक्योरिटीआपका अपना PPF बैलेंसकोई नहीं (अनसिक्योर्ड)
CIBIL स्कोर की भूमिकाकोई नहीं750+ ज़रूरी
प्रोसेसिंग फीसशून्य / नाममात्र1–3%
PPF ब्याज पर असरबकाया हिस्से पर ब्याज रुकता हैकोई असर नहीं
⚠️

ध्यान दें

PPF योजना 2019 (12 दिसंबर 2019) से लोन पर ब्याज 2% के बजाय 1% अधिक कर दिया गया है — यानी आज 8.1%। लेकिन ध्यान रखें: लोन वाली रकम पर उस अवधि में PPF का 7.1% ब्याज नहीं जुड़ता, और 36 महीने में मूलधन न चुकाने पर बकाया पर 6% ब्याज लगने लगता है। 7वें साल से आंशिक निकासी शुरू हो जाती है, इसलिए छठे वित्तीय वर्ष के बाद लोन का विकल्प खत्म हो जाता है।

विषय 23 · NRI

क्या NRI PPF में निवेश कर सकते हैं? — 2026 के नियम

🚫

NRI नया PPF खाता नहीं खोल सकते

भारत सरकार के नियमों के अनुसार अनिवासी भारतीय (NRI) नया PPF खाता खोलने के पात्र नहीं हैं। यह प्रतिबंध 2003 से लागू है।

अगर खाता खोलने के बाद NRI बन गए तो?

  • मौजूदा खाता 15 साल की मैच्योरिटी तक चालू रहेगा
  • मैच्योरिटी तक जमा जारी रख सकते हैं (NRO खाते से)
  • 15 साल के बाद खाता आगे नहीं बढ़ाया जा सकता
  • ब्याज मैच्योरिटी तक प्रचलित दर पर मिलता रहेगा
  • मैच्योरिटी की रकम NRO खाते में जमा होगी और भारत में टैक्स-फ्री रहेगी
  • विदेश भेजने (repatriation) के लिए CA का फॉर्म 15CA/15CB लगेगा
💡

NRI के लिए विकल्प

NRE FD (भारत में ब्याज टैक्स-फ्री, पूरी रकम विदेश भेजी जा सकती है), NRO FD (टैक्सेबल) या NRO खाते से म्यूचुअल फंड। अगर भारत लौटने की योजना है तो जाने से पहले PPF खाता खोल लेना समझदारी है।

विषय 06, 07 · प्लानिंग

PPF से रिटायरमेंट और बच्चों की पढ़ाई की प्लानिंग

🎓

बच्चों की शिक्षा के लिए

बच्चे के जन्म के साथ ही उसके नाम पर PPF खाता खोल दें। सिर्फ ₹10,000 सालाना जमा करने पर 15 साल में लगभग ₹2.71 लाख बनते हैं — और पैसा ठीक उसी समय मिलता है जब कॉलेज की फीस भरनी होती है।

  • अभिभावक नाबालिग के नाम पर खाता खोल सकते हैं
  • दोनों खातों की जमा मिलाकर सीमा ₹1.5 लाख ही रहेगी
  • कटौती का लाभ अभिभावक को मिलता है
  • 18 साल के बाद खाता बच्चे के नाम स्वतः चलने लगता है
🏖️

रिटायरमेंट के लिए

30 की उम्र में शुरू करके 60 तक (30 साल) हर साल ₹1.5 लाख जमा करें — 7.1% पर लगभग ₹1.54 करोड़ टैक्स-फ्री। शून्य जोखिम, सरकारी गारंटी और कोई TDS नहीं।

  • जितना जल्दी शुरू करें, चक्रवृद्धि उतनी ताकतवर
  • 15 साल बाद 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाते रहें
  • NPS के साथ मिलाकर रिटायरमेंट पोर्टफोलियो बनाएँ
  • निकासी पर एक रुपया टैक्स नहीं

किस उम्र में शुरू करने पर कितना कोष? (₹1.5 लाख सालाना, 7.1%)

शुरुआत की उम्र45 की उम्र में50 की उम्र में55 की उम्र में60 की उम्र में
25 साल₹66.58 लाख₹1.03 करोड़₹1.54 करोड़₹2.27 करोड़
30 साल₹40.68 लाख₹66.58 लाख₹1.03 करोड़₹1.54 करोड़
35 साल₹22.30 लाख₹40.68 लाख₹66.58 लाख₹1.03 करोड़
40 साल₹9.26 लाख₹22.30 लाख₹40.68 लाख₹66.58 लाख

*पूरी अवधि में 7.1% दर स्थिर मानकर, हर साल की शुरुआत में जमा। खाता 15 साल बाद 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाना आवश्यक। केवल उदाहरण के लिए।

विषय 12, 14, 24 · नियम

नॉमिनेशन, दो खाते और ट्रांसफर के नियम

📝

नॉमिनेशन के नियम

  • खाता खोलते समय या बाद में कभी भी फॉर्म E से नॉमिनी जोड़ें
  • एक से ज्यादा नॉमिनी और हिस्सा प्रतिशत तय कर सकते हैं
  • नाबालिग नॉमिनी के लिए अभिभावक का नाम देना होगा
  • नाबालिग के खाते में नॉमिनेशन लागू नहीं होता
  • अब बैंक/डाकघर नॉमिनी बदलने पर शुल्क नहीं लेते
🚫

क्या दो PPF खाते हो सकते हैं?

नहीं। पूरे भारत में एक व्यक्ति का सिर्फ एक PPF खाता मान्य है। गलती से दूसरा खुल जाए तो उसे पहले खाते में मिलाना (merge) पड़ता है और अतिरिक्त रकम पर ब्याज नहीं मिलता। अपवाद: नाबालिग बच्चे के नाम अलग खाता खोला जा सकता है।

🔄

खाता ट्रांसफर

  • एक शाखा से दूसरी शाखा: निःशुल्क
  • बैंक से डाकघर और डाकघर से बैंक: दोनों संभव
  • मूल शाखा में आवेदन देना होता है, 2–4 हफ्ते लगते हैं
  • पुरानी अवधि और सारा रिकॉर्ड वैसा का वैसा चलता रहता है
  • ट्रांसफर से 15 साल की गिनती दोबारा शुरू नहीं होती
विषय 13 · सावधानी

PPF में 10 आम गलतियाँ जो लाखों का नुकसान कराती हैं

📆

5 तारीख के बाद जमा करना

हर बार एक महीने का ब्याज हाथ से निकल जाता है। 15 साल में यह ₹1 लाख से ऊपर बैठता है।

उपाय: 1 तारीख का ऑटो-डेबिट
😴

₹500 न्यूनतम जमा भूल जाना

खाता निष्क्रिय हो जाता है — न लोन, न निकासी। हर छूटे साल पर ₹50 जुर्माना।

उपाय: अप्रैल में रिमाइंडर
📅

मार्च में खाता खोलना

मार्च में खोला तो वह पूरा वित्तीय वर्ष गिन लिया जाता है, जबकि ब्याज सिर्फ कुछ दिनों का मिलता है।

उपाय: अप्रैल में खोलें
💳

15 साल पर तुरंत खाता बंद करना

एक्सटेंशन की ताकत छूट जाती है — 15 साल पर ₹40.68 लाख, 25 साल पर ₹1.03 करोड़।

उपाय: 5-5 साल बढ़ाएँ
🏦

दो PPF खाते खोल लेना

दूसरे खाते पर ब्याज नहीं मिलता और उसे पहले खाते में मिलाना पड़ता है।

उपाय: सिर्फ एक खाता
👨‍👩‍👧

बच्चे का खाता देर से खोलना

हर साल की देरी बच्चे के शिक्षा कोष से चक्रवृद्धि का एक साल छीन लेती है।

उपाय: जन्म के तुरंत बाद
✍️

नॉमिनी न भरना

खाताधारक के न रहने पर परिवार को कानूनी प्रक्रिया में महीनों लग जाते हैं।

उपाय: आज ही फॉर्म E भरें
💸

बिना ज़रूरत खाता बंद कराना

समय-पूर्व बंदी पर पूरी अवधि का ब्याज 1% घटाकर दिया जाता है — बड़ा नुकसान।

उपाय: पहले लोन देखें
🧮

टैक्स व्यवस्था का हिसाब न लगाना

नई व्यवस्था में धारा 123 (पूर्व 80C) की कटौती नहीं मिलती — पहले दोनों की गणना करें।

उपाय: दोनों व्यवस्था जाँचें
📉

पूरा पैसा सिर्फ PPF में डालना

7.1% महँगाई को मुश्किल से हरा पाता है — लंबी अवधि में इक्विटी हिस्सा भी ज़रूरी है।

उपाय: PPF + SIP मिलाएँ
विषय 19 · किसके लिए

PPF: वेतनभोगी बनाम स्व-रोज़गार वालों के लिए

💼 वेतनभोगी कर्मचारी

  • EPF पहले से है — PPF अतिरिक्त टैक्स-फ्री बचत का काम करता है
  • EPF + PPF दोनों की कटौती एक ही ₹1.5 लाख सीमा में गिनी जाती है
  • EPF के बाद बची हुई सीमा PPF से भरें
  • वेतन आते ही 1 तारीख को ऑटो-डेबिट सेट करें
  • नौकरी बदलने पर भी PPF खाता वैसा का वैसा चलता रहता है

🏪 स्व-रोज़गार व कारोबारी

  • EPF नहीं होता — PPF ही मुख्य टैक्स-फ्री रिटायरमेंट साधन है
  • पूरी ₹1.5 लाख सीमा PPF में लगाकर अधिकतम कटौती लें
  • आमदनी अनियमित हो तो अप्रैल में एकमुश्त जमा की रणनीति अपनाएँ
  • कारोबार में उतार-चढ़ाव के बीच गारंटीड रिटर्न का सहारा
  • NPS के साथ मिलाकर मज़बूत रिटायरमेंट प्लान बनता है
विषय 20 · विश्लेषण

क्या 2026 में PPF में निवेश करना अब भी समझदारी है?

जब इक्विटी 12–14% दे रही हो और FD भी 7.5% तक पहुँच रही हो, तो 7.1% की दर पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ईमानदार विश्लेषण यह है:

✅ PPF अब भी क्यों सही है

  • 7.1% टैक्स-फ्री = 30% स्लैब वालों के लिए ~10.2% टैक्सेबल के बराबर
  • शून्य जोखिम — भारत सरकार की सॉवरेन गारंटी
  • पुरानी व्यवस्था में सालाना ₹46,800 तक की टैक्स बचत
  • बाज़ार गिरे तब भी रिटर्न पर कोई असर नहीं
  • पोर्टफोलियो के डेट हिस्से की सबसे मज़बूत नींव

⚠️ कब PPF काफी नहीं है

  • अगर लक्ष्य 12%+ रिटर्न का है तो अकेला PPF कम पड़ेगा
  • अगर 15 साल से पहले पैसे की ज़रूरत पड़ सकती है
  • अगर आपने नई टैक्स व्यवस्था चुनी है (कटौती नहीं मिलेगी)
  • अगर महँगाई लंबे समय तक 7% से ऊपर बनी रहे
  • अगर आप 50+ की उम्र में शुरू कर रहे हैं (कम अवधि)
🏆

निष्कर्ष: हाँ, PPF आज भी भारत के सबसे बेहतरीन सुरक्षित निवेशों में से एक है

जोखिम से बचने वाले निवेशकों, पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने वालों और उन सभी के लिए जो गारंटीड ₹40 लाख–₹1 करोड़ का टैक्स-फ्री कोष चाहते हैं — PPF का कोई सीधा मुकाबला नहीं। इसे पोर्टफोलियो की सुरक्षित नींव मानिए और ऊपर SIP व इक्विटी जोड़िए। पूरा पैसा सिर्फ PPF में डालना उतनी ही बड़ी गलती है जितनी PPF को पूरी तरह छोड़ देना।

कम्प्लीट नॉलेज हब

PPF के सभी 25 विषय — एक नज़र में

इस पेज को बुकमार्क कर लें — PPF से जुड़े हर सवाल का जवाब यहीं मिलेगा।

विषय 01

📖 PPF क्या है — पूरी बुनियादी जानकारी

1968 में शुरू, सरकारी गारंटी, EEE टैक्स दर्जा, 7.1% ब्याज, ₹500–₹1.5 लाख जमा, 15 साल लॉक-इन।

बेसिक
विषय 02

⚖️ PPF vs FD vs SIP — कौन बेहतर?

टैक्स-फ्री रिटर्न में PPF आगे, ग्रोथ में SIP, नकदी में FD। सबसे अच्छा तरीका — PPF और SIP साथ-साथ।

तुलना
विषय 03

💰 नवीनतम PPF ब्याज दर 2026

7.1% सालाना (Q2 FY 2026-27)। अप्रैल 2020 से अपरिवर्तित। हर महीने की 5 तारीख के बाद के न्यूनतम बैलेंस पर गणना।

दर
विषय 04

🏦 PPF खाता ऑनलाइन कैसे खोलें

SBI, HDFC, ICICI, Axis, PNB नेट बैंकिंग से 5 चरणों में — लॉग-इन, PPF चुनें, KYC, ₹500 जमा, खाता संख्या।

तरीका
विषय 05

🏷️ PPF के टैक्स लाभ — धारा 123

तीनों स्तर पर छूट: जमा पर कटौती (धारा 123, पूर्व 80C), ब्याज टैक्स-फ्री, मैच्योरिटी टैक्स-फ्री।

टैक्स
विषय 06

🎓 बच्चों की शिक्षा की प्लानिंग

जन्म के साथ नाबालिग खाता खोलें। ₹10,000 सालाना 15 साल में ₹2.71 लाख — ठीक कॉलेज के समय।

रणनीति
विषय 07

🏖️ PPF से रिटायरमेंट प्लानिंग

₹1.5 लाख सालाना 30 साल तक = लगभग ₹1.54 करोड़ टैक्स-फ्री। 25 साल में ₹1.03 करोड़।

रणनीति
विषय 08

🔒 लॉक-इन अवधि का पूरा गणित

15 वित्तीय वर्ष अनिवार्य। 7वें साल से आंशिक निकासी, 5 साल बाद शर्तों सहित समय-पूर्व बंदी (1% कटौती)।

नियम
विषय 09

💵 साल में कितना जमा कर सकते हैं

न्यूनतम ₹500, अधिकतम ₹1.5 लाख। 1 से 12 किस्तें। ₹500 न देने पर खाता निष्क्रिय + ₹50 जुर्माना।

सीमा
विषय 10

💸 निकासी के नियम

7वें साल से, चौथे साल के अंत के बैलेंस का 50% (या पिछले साल का 50%, जो कम हो), साल में एक बार।

निकासी
विषय 11

📅 15 साल बाद एक्सटेंशन

जमा के साथ या बिना जमा के — 5-5 साल के ब्लॉक में। जमा वाला विकल्प चुनने के लिए 1 साल के भीतर फॉर्म H।

एक्सटेंशन
विषय 12

2️⃣ क्या दो PPF खाते हो सकते हैं?

नहीं। एक व्यक्ति = एक खाता। गलती से खुले दूसरे खाते को पहले में मिलाना पड़ता है।

नियम
विषय 13

⚠️ आम गलतियाँ

5 तारीख के बाद जमा, ₹500 भूलना, नॉमिनी न भरना, 15 साल पर तुरंत बंद करना, दो खाते खोलना।

सावधानी
विषय 14

📝 नॉमिनेशन के नियम

फॉर्म E से कभी भी नॉमिनी जोड़ें/बदलें। एक से ज्यादा नॉमिनी और हिस्सा प्रतिशत संभव।

नॉमिनी
विषय 15

🔑 PPF पर लोन

तीसरे से छठे वित्तीय वर्ष तक। दो साल पहले के बैलेंस का 25%। ब्याज PPF दर + 1% = 8.1%। 36 महीने में चुकौती।

लोन
विषय 16

⏰ जमा करने का सबसे सही समय

हर महीने की 5 तारीख से पहले; एकमुश्त के लिए 5 अप्रैल तक। 2 दिन की देरी = लगभग ₹887 का नुकसान।

रणनीति
विषय 17

🧮 PPF कैलकुलेटर गाइड

ऊपर दिए लाइव कैलकुलेटर से गणना करें। ₹1.5 लाख × 15 साल = ₹40.68 लाख (₹22.5 लाख जमा + ₹18.18 लाख ब्याज)।

कैलकुलेटर
विषय 18

🏭 PPF vs EPF — मुख्य अंतर

EPF: 8.25%, सिर्फ वेतनभोगी, नियोक्ता का योगदान। PPF: 7.1%, सबके लिए खुला, ज्यादा लचीला।

तुलना
विषय 19

💼 वेतनभोगी बनाम स्व-रोज़गार

वेतनभोगी: EPF + PPF दोहरी सुरक्षा। स्व-रोज़गार: PPF ही मुख्य रिटायरमेंट साधन।

तुलना
विषय 20

🤔 क्या 2026 में PPF सही है?

हाँ — 7.1% टैक्स-फ्री यानी 30% स्लैब में ~10.2% टैक्सेबल के बराबर। पोर्टफोलियो की सुरक्षित नींव।

विश्लेषण
विषय 21

🌱 ₹500 महीने से कितना बनेगा

₹6,000 सालाना: 5 साल में ₹37,028 → 10 साल में ₹89,205 → 15 साल में ₹1.63 लाख, सब टैक्स-फ्री।

ग्रोथ
विषय 22

📊 मैच्योरिटी गणना के उदाहरण

₹1.5 लाख सालाना: 15 साल = ₹40.68 लाख | 20 साल = ₹66.58 लाख | 25 साल = ₹1.03 करोड़ | 30 साल = ₹1.54 करोड़।

उदाहरण
विषय 23

🌍 क्या NRI PPF ले सकते हैं?

नया खाता नहीं। पहले से खुला खाता 15 साल की मैच्योरिटी तक चलेगा, आगे नहीं बढ़ेगा।

NRI
विषय 24

🔄 खाता ट्रांसफर के नियम

शाखा से शाखा, बैंक से डाकघर और डाकघर से बैंक — सब संभव। 2–4 हफ्ते, अवधि दोबारा शुरू नहीं होती।

ट्रांसफर
विषय 25

🏅 PPF के सबसे बड़े फायदे

सरकारी गारंटी + EEE टैक्स छूट + गारंटीड ब्याज + लोन + आंशिक निकासी + लचीली जमा — एक ही जगह।

फायदे
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🧮PPF कैलकुलेटरकिसी भी अवधि और राशि पर मैच्योरिटी निकालेंइस्तेमाल करें →
📈SIP कैलकुलेटरPPF के साथ SIP की प्लानिंग करेंगणना करें →
🏦FD कैलकुलेटरPPF और FD के रिटर्न की तुलना करेंतुलना करें →
💸इनकम टैक्स कैलकुलेटरपुरानी बनाम नई व्यवस्था का हिसाब लगाएँजाँचें →
👧SSY कैलकुलेटरबेटी के लिए सुकन्या समृद्धि की गणनाप्लान करें →
🏛️NPS कैलकुलेटरPPF के साथ NPS से रिटायरमेंट प्लानिंगशुरू करें →
FAQ

PPF से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

PPF की ब्याज दर 2026-27 में कितनी है?
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर 2026) के लिए PPF की ब्याज दर 7.1% सालाना है, जो सालाना चक्रवृद्धि होती है। यह दर 1 अप्रैल 2020 से अपरिवर्तित है। वित्त मंत्रालय हर तिमाही इसकी समीक्षा करता है।
PPF में एक साल में अधिकतम कितना जमा कर सकते हैं?
एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम ₹1,50,000 और न्यूनतम ₹500 जमा किए जा सकते हैं। जमा 1 से 12 किस्तों में की जा सकती है। नाबालिग बच्चे के खाते की जमा भी अभिभावक की इसी ₹1.5 लाख की सीमा में गिनी जाती है।
क्या 15 साल से पहले PPF से पैसा निकाल सकते हैं?
आंशिक निकासी 7वें वित्तीय वर्ष से शुरू होती है। सीमा — चौथे साल के अंत के बैलेंस का 50% या पिछले साल के बैलेंस का 50%, जो भी कम हो। साल में सिर्फ एक निकासी की अनुमति है। गंभीर बीमारी, बच्चों की उच्च शिक्षा या निवास स्थिति बदलने पर 5 साल बाद खाता समय-पूर्व बंद कराया जा सकता है, तब पूरी अवधि का ब्याज 1% घटाकर दिया जाता है।
क्या PPF का ब्याज टैक्स-फ्री है?
हाँ। PPF को EEE (Exempt-Exempt-Exempt) दर्जा प्राप्त है — जमा पर कटौती (आयकर अधिनियम 2025 की धारा 123, पहले धारा 80C), हर साल का ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री, और मैच्योरिटी की पूरी रकम भी टैक्स-फ्री। ब्याज पर कोई TDS नहीं कटता। कटौती का लाभ केवल पुरानी टैक्स व्यवस्था में मिलता है, लेकिन ब्याज और मैच्योरिटी दोनों व्यवस्थाओं में टैक्स-फ्री रहते हैं।
क्या NRI PPF खाता खोल सकते हैं?
नहीं। NRI नया PPF खाता नहीं खोल सकते। अगर किसी ने निवासी भारतीय रहते हुए खाता खोला और बाद में NRI बन गया, तो वह खाता 15 साल की मैच्योरिटी तक चालू रखा जा सकता है और उसमें जमा भी जारी रह सकती है, लेकिन मैच्योरिटी के बाद उसे आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।
PPF में पैसा जमा करने का सबसे अच्छा समय कौन-सा है?
हर महीने की 5 तारीख से पहले। एकमुश्त जमा करने वालों को हर साल 5 अप्रैल तक पूरी रकम डाल देनी चाहिए ताकि पूरे 12 महीने का ब्याज मिले। ब्याज 5 तारीख से महीने के अंत तक के सबसे कम बैलेंस पर गिना जाता है, इसलिए 6 अप्रैल को जमा करने पर ₹1.5 लाख पर लगभग ₹887 का ब्याज कम हो जाता है।
क्या PPF पर लोन मिल सकता है?
हाँ। लोन तीसरे वित्तीय वर्ष से छठे वित्तीय वर्ष तक लिया जा सकता है। अधिकतम राशि दो साल पहले के बैलेंस का 25% होती है। ब्याज दर PPF दर से 1% ज्यादा यानी फिलहाल 8.1% है (PPF योजना 2019 के बाद से; पहले 2% थी)। मूलधन 36 महीने में चुकाना होता है, वरना बकाया पर 6% ब्याज लगता है।
₹1.5 लाख सालाना जमा करने पर 15 साल में कितना मिलेगा?
7.1% की दर पर हर साल ₹1,50,000 जमा करने पर 15 साल बाद लगभग ₹40,68,209 मिलते हैं। इसमें आपकी कुल जमा ₹22,50,000 होती है और ब्याज लगभग ₹18,18,209 — पूरी तरह टैक्स-फ्री।
क्या दो PPF खाते खोले जा सकते हैं?
नहीं। पूरे भारत में एक व्यक्ति का एक ही PPF खाता मान्य है। गलती से दूसरा खाता खुल जाने पर उसे पहले खाते में मिलाया जाता है और सीमा से ऊपर की रकम पर ब्याज नहीं मिलता। हाँ, अपने नाबालिग बच्चे के नाम पर अलग खाता खोला जा सकता है।
PPF और SIP में 15 साल के लिए कौन बेहतर है?
₹1.5 लाख सालाना, 15 साल के लिए: PPF से लगभग ₹40.68 लाख मिलते हैं — गारंटीड, शून्य जोखिम, शून्य टैक्स। SIP से 12% के अनुमान पर लगभग ₹63 लाख बन सकते हैं, लेकिन यह बाज़ार पर निर्भर है और उस पर LTCG टैक्स लगेगा। सही तरीका किसी एक को चुनना नहीं, बल्कि दोनों को मिलाकर चलना है — PPF सुरक्षा के लिए, SIP ग्रोथ के लिए।
PPF खाता 15 साल बाद बंद करना चाहिए या बढ़ाना चाहिए?
अगर पैसे की तुरंत ज़रूरत नहीं है तो खाता बढ़ाना बेहतर रहता है। 15 साल पर ₹40.68 लाख बनने वाला कोष 25 साल में लगभग ₹1.03 करोड़ और 30 साल में लगभग ₹1.54 करोड़ हो जाता है। जमा के साथ बढ़ाने के लिए मैच्योरिटी के 1 साल के भीतर फॉर्म H देना अनिवार्य है।
किसी साल ₹500 जमा करना भूल गए तो क्या होगा?
खाता निष्क्रिय हो जाएगा — न लोन मिलेगा, न आंशिक निकासी। दोबारा चालू करने के लिए हर छूटे साल का ₹500 जमा और ₹50 प्रति वर्ष जुर्माना देना होगा। राहत की बात यह है कि इस दौरान भी जमा राशि पर ब्याज मिलता रहता है।

✍️ लेखक और स्रोत

यह गाइड Arthzo रिसर्च टीम ने तैयार की है और 10 अगस्त 2026 को अपडेट की गई। सभी दरें और नियम आधिकारिक स्रोतों से मिलान करके लिखे गए हैं। Arthzo किसी बैंक या वित्तीय संस्था से कमीशन नहीं लेता और न ही किसी उत्पाद का प्रचार करता है।

  • वित्त मंत्रालय, आर्थिक कार्य विभाग — लघु बचत योजना दर अधिसूचना (30 जून 2026)
  • पब्लिक प्रोविडेंट फंड योजना, 2019 (12 दिसंबर 2019 से प्रभावी)
  • इंडिया पोस्ट — PPF खाता नियम व फॉर्म
  • आयकर अधिनियम 2025 — धारा 123 (1 अप्रैल 2026 से लागू)
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं। PPF की ब्याज दर भारत सरकार तय करती है और हर तिमाही इसकी समीक्षा होती है, इसलिए भविष्य की गणनाएँ केवल अनुमान हैं। निवेश या टैक्स से जुड़ा कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने बैंक/डाकघर से मौजूदा नियम की पुष्टि करें या किसी योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।
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